Pratinidhi Times Desk: उच्चतम न्यायालय ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया है कि जनप्रतिनिधियों के लिए गठित विशेष MP/MLA अदालतें केवल आपराधिक मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए हैं, न कि पारिवारिक विवादों के लिए। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला की पीठ ने उत्तर प्रदेश के विधायक रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा (PWDV Act) से संबंधित केस को सामान्य पारिवारिक अदालत (साकेत कोर्ट, दिल्ली) में ट्रांसफर करने का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सांसदों और विधायकों के लिए विशेष अदालतों की स्थापना का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों पर लंबित गंभीर आपराधिक मुकदमों का शीघ्र निपटारा करना और सार्वजनिक जीवन में शुचिता बनाना है। महज किसी पक्षकार के विधायक या सांसद होने के नाते पारिवारिक व वैवाहिक मुकदमों को इन विशेष अदालतों में नहीं चलाया जा सकता।
