Pratinidhi Times Desk : संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर व्यापक बहस हुई। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा पेश किए गए इस बिल में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक करने वाले गिरोहों के खिलाफ सख्त दंड, गैर-जमानती धाराओं और भारी जुर्माने के प्रावधान शामिल हैं।
विपक्ष के सांसदों ने सदन में छात्रों पर हाल ही में हुए पुलिस बल प्रयोग पर जवाबदेही तय करने की मांग की, जबकि सत्तापक्ष के सांसदों ने इसे युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में स्पष्ट किया कि सरकार इस गंभीर विषय पर सभी दलों के सांसदों की बात सुनने के लिए तैयार है और बहस की अवधि को बढ़ाकर 10 घंटे करने पर भी सहमति जताई गई है।
