PratinidhiTimes.Com में हमारी प्राथमिकता अपने पाठकों तक बिना किसी पूर्वाग्रह के सटीक, प्रामाणिक और सत्यापित (Verified) जानकारी पहुँचाना है। हमारी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य जन-सरोकार, जनप्रतिनिधियों के वादों की पड़ताल और फर्जी या भ्रामक खबरों (Fake News) का पर्दाफाश करना है।
हम भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) तथा प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB Fact Check) के डिजिटल मीडिया दिशानिर्देशों और अंतरराष्ट्रीय तथ्य-जांच मानकों का कड़ाई से पालन करते हैं।
1. तथ्य-जांच के लिए विषयों का चयन (Claim Selection Criteria)
हम निम्नलिखित आधारों पर किसी दावे या खबर को फैक्ट-चेक के लिए चुनते हैं:
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जनप्रतनिधियों और सार्वजनिक हस्तियों के दावे: नेताओं, सांसदों, विधायकों, मंत्रियों या अधिकारियों द्वारा जनसभाओं, प्रेस कॉन्फ्रेंस या सोशल मीडिया पर किए गए बजटीय, विकास कार्यों या नीतिगत दावे।
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धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं/ट्रस्टों की खबरें: चंदे, फंड आवंटन, सार्वजनिक कल्याण के दावों या सोशल मीडिया पर उनके संबंध में वायरल हो रही भ्रामक जानकारी।
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सार्वजनिक हित और सुरक्षा: ऐसी अफवाहें, फर्जी सरकारी योजनाएं या वायरल मैसेज जिनका सीधा असर आम जनता की जेब, सेहत, सुरक्षा या सामाजिक सौहार्द पर पड़ता हो।
2. हमारी तथ्य-जांच प्रक्रिया (Step-by-Step Fact-Checking Process)
हमारी टीम किसी भी दावे का सच सामने लाने के लिए निम्नलिखित 4-स्तरीय प्रक्रिया अपनाती है:
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दावे का स्रोत (Source Verification): सबसे पहले यह पता लगाया जाता है कि दावा सबसे पहले कहाँ और किसके द्वारा किया गया (मूल पोस्ट, वीडियो, भाषण या प्रेस विज्ञप्ति)।
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प्राथमिक और आधिकारिक प्रमाण (Primary Sources & Official Data): हम केवल अफवाहों या सेकेंडरी खबरों पर भरोसा नहीं करते। जांच के लिए सरकारी गजट, आरटीआई (RTI) जवाब, संसद/विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड, बजटीय दस्तावेज, अदालत के फैसले और संबंधित विभागों के आधिकारिक आंकड़ों की मदद ली जाती है।
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विशेषज्ञों और संबंधित पक्ष से संपर्क (Expert Opinion & Right to Reply): आवश्यकता पड़ने पर विषय-विशेषज्ञों से तकनीकी राय ली जाती है। साथ ही, जिस व्यक्ति या संस्था से जुड़ा दावा है, उनसे उनका पक्ष (Right to Reply) मांगा जाता है।
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पारदर्शी निष्कर्ष (Transparent Verdict): सभी सबूतों को एकत्रित करने के बाद हम रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताते हैं कि दावा सत्य (True), अंशतः सत्य (Partially True), भ्रामक (Misleading), या पूर्णतः असत्य/फर्जी (False) है।
3. पारदर्शिता और साक्ष्यों की उपलब्धता (Transparency of Evidence)
हमारा मानना है कि पाठकों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि हम किसी निष्कर्ष पर कैसे पहुंचे।
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हमारी हर फैक्ट-चेक रिपोर्ट में इस्तेमाल किए गए सभी दस्तावेजों, आधिकारिक लिंक्स, स्क्रीनशॉट्स और डेटा सोर्स का स्पष्ट उल्लेख होता है, ताकि पाठक स्वयं भी उन साक्ष्यों की जांच कर सकें।
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हम किसी भी ऐसी गुप्त या अपुष्ट जानकारी के आधार पर फैक्ट-चेक का निष्कर्ष नहीं निकालते जिसे सार्वजनिक रूप से सत्यापित न किया जा सके।
4. निष्पक्षता और गैर-पक्षपातपूर्ण नीति (Non-Partisanship)
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PratinidhiTimes.Com की फैक्ट-चेकिंग टीम किसी भी राजनीतिक दल, विचारधारा, धार्मिक संगठन या कॉरपोरेट घराने के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त है।
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हमारी तथ्य-जांच नीति सभी जनप्रतिनिधियों, पक्षों और संस्थाओं पर एक समान रूप से लागू होती है चाहे वे सत्ता में हों या विपक्ष में।
5. त्रुटि सुधार और पाठकों की प्रतिक्रिया (Corrections in Fact-Checks)
यदि हमारी किसी फैक्ट-चेक रिपोर्ट में कोई नई जानकारी सामने आती है या कोई अनजाने में हुई फैक्चुअल गलती पाई जाती है:
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हम अपनी Corrections Policy के तहत रिपोर्ट को तुरंत अपडेट करते हैं।
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लेख के शीर्ष या अंत में स्पष्ट रूप से ‘Correction / Updated Note’ के साथ तारीख और सुधार का कारण लिखा जाता है ताकि पाठकों से कुछ भी छिपा न रहे।
6. पाठक भी भेज सकते हैं दावे (Submit a Claim for Fact-Check)
यदि आपको सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या किसी जनप्रतिनिधि/संस्था के बयान पर संदेह है और आप चाहते हैं कि PratinidhiTimes.Com उसकी पड़ताल करे, तो आप हमें सीधे भेज सकते हैं:
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ईमेल: editor@pratinidhitimes.com
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विषय line: Claim for Fact Check – [दावे का विषय]
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आवश्यकता: दावे का स्क्रीनशॉट, वीडियो लिंक या मैसेज साथ में संलग्न करें।
